Amazing health benefits by Nirgundi

आज हम आपको एक बेहतरीन औषधीय गुणों से युक्त पौधे के बारे में बताएंगे इस पौधे का नाम है निर्गुंडी यह बहुत ही अच्छा पौधा है हमारे बेहतर स्वास्थ्य के लिए निर्गुंडी का अर्थ होता है कि एक ऐसा पौधा या एक ऐसी दवाई जिसके प्रयोग से हमारा शरीर रोगों से स्वस्थ रहता है और शरीर को किसी तरह का रोग प्रभावित नहीं करता

आज हम इस लेख के माध्यम से आपको निर्गुंडी के फायदों के बारे में बताएंगे कि एक किस किस तरह से आपके शरीर के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है वैसे तो यह एक बहुत ही अच्छी औषधि है जो कि सभी तरह के रोगों में काम आती है फिर भी हम आपको यहां पर विस्तार से बताएंगे कि किन-किन रोगों के लिए यह बहुत ही रामबाण पहुंचती सिद्ध हो सकती है

Amazing health benefit by nirgundi

शरीर के किसी भी हिस्से पर यदि चोट है या सूजन आई हुई है तो निर्गुंडी के पत्तों को पीसकर इसका मिश्रण बना लें और इस मिश्रण को यदि आप चोट या सूजन वाली जगह पर लगाते हैं तो घाव बहुत ही जल्दी भर जाता है और दर्द में भी आराम मिलता है

मिर्गी के रोग मे बहुत ही कारगर सिद्ध होता है इसके लिए निर्गुंडी के पत्तों को रस निकालकर इस रस की 5 से 10 बूंदों को जब भी आपको दौरा पड़े उस समय यदि आप नाक में डालते हैं तो मिर्गी के रोग में यह बहुत ही कारगर सिद्ध होता है

कान के रोगों को दूर करने के लिए भी निर्गुण की बहुत ही लाभदायक सिद्ध होता है यदि आप भी किसी भी तरह के कान के रोग से प्रभावित हैं तो इसके लिए निर्गुंडी के पत्तों का रस निकालने और इससे शहद के साथ इस रस को मिलाकर यदि आप अपने कान में इसकी दो-तीन बूंद डालते हैं तो इससे आपको बहुत ही अधिक आराम मिलेगा

खांसी दूर करने के लिए भी निर्गुण की बहुत ही कारगर सिद्ध होता है इसके लिए निर्गुंडी के पत्तों का रस निकालकर उसका सेवन करें इससे आपके खासी का रोग बहुत ही जल्दी दूर हो जाएगा दिन में दो बार इस रस को लेने से खांसी बिल्कुल अच्छी हो जाएगी

गलगंड रोग को दूर करने में भी निर्गुंडी एक बहुत ही अच्छी औषधि मानी जाती है इसके लिए निर्गुंडी के ताजा पत्तों का रस निकालने और इसका दिन में दो से तीन बार तक सेवन करें इससे आपकी समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी

जिन बच्चों को दांत निकलते समय काफी परेशानी होती है उन्हें भी निर्गुंडी की जड़ के छोटे टुकड़ों की एक माला बनाकर यदि उनके गले में पहनाए तो इससे दांत निकलने के समय होने वाली परेशानी से मुक्ति मिल सकती है

बुखार के लिए भी निर्गुंडी के पत्तों का रस रामबाण होता है इसके लिए आप निर्गुंडी के ताजा पत्र ले और इनका रस निकाल ले इसमें यदि आप चाहें तो थोड़ा सा पीपल का चूर्ण मिलाकर यदि देंगे तो बुखार बहुत ही जल्दी ठीक होगी

निर्गुंडी के पत्तों के काढ़े में थोड़ी सी काली मिर्च यदि आप मिला लेते हैं तो इससे आपकी खांसी भी ठीक हो जाती है यदि बहुत ही ज्यादा सर्दी है तो निर्गुंडी के पत्तों के रस में आप थोड़ा सा लहसुन भी डालें और थोड़ा तेल डालकर इसे गर्म कर ले अब इससे छाती पर हल्के हाथ से मालिश करें इससे शरीर से कफ निकलने में बहुत ही मदद मिलती है

डिलीवरी के समय निर्गुंडी को पीसकर यदि आप अपनी नाभि के नीचे के हिस्से और अपनी वेजाइना पर यदि इसका लेप करते हैं तो आप की डिलीवरी बहुत ही आरामदायक होती है और आपको असहनीय दर्द नहीं होगा

सुजाक जो कि एक यौन रोग माना जाता है इस रोग में भी यदि निर्गुंडी के पत्तों का काढ़ा बनाकर यदि आप लेते हैं तो आपको बहुत ही जल्दी आराम मिलता है इसके लिए निर्गुंडी के पत्तों को आधा लीटर पानी में उबाल लें और जब यह एक चौथाई बस जाए तो इसे ठंडा करके सुबह-शाम पीएं इससे आपको सुजाक रोग में बहुत ही आराम मिलता है

जिन लोगों को स्लिप डिस्क गठिया साइटिका आदि रोग है या मांसपेशियों में अकड़न और असहनीय दर्द होता है शरीर की मांसपेशियों में उद्योगों के लिए निर्गुंडी किसी वरदान से कम नहीं है क्योंकि निर्गुंडी की जो प्रकृति होती है वह वात होती है और ज्यादातर जो दर्द वाले रोग हैं यह वात बढ़ने के कारण ही होते हैं

यदि आपको शरीर के किसी भी हिस्से में दर्द है तो आप निर्गुंडी के पत्तों का रस बनाकर पीएं इससे आपका दर्द निश्चित रूप से ही दूर हो जाएगा और आपको पूर्ण रूप से आराम मिलेगा

जिन लोगों की शरीर की सेक्स पावर यानी कि काम शक्ति बहुत ही कम है उन्हें भी निर्गुंडी का सेवन अवश्य करना चाहिए क्योंकि निर्गुंडी काम शक्ति बढ़ाने के लिए एक बहुत ही अच्छी दवा है इसके लिए आप 40 ग्राम या 50 ग्राम निर्गुंडी ले ले और 40 से 50 ग्राम ही सुन को बराबर मात्रा में मिलाकर पीस लें और इसकी 7 से 8 खुराक बनाएं और दिन में दो से तीन बार इसे दूध के साथ यदि आप खाते हैं तो इससे आपकी सेक्स पावर निश्चित रूप से बहुत ही मजबूत हो जाती है

यदि आप निर्गुंडी को घिसकर अपने लिंग पर लगाते हैं तो इससे नसों में आने वाली कमजोरी दूर हो जाती है निर्गुंडी को आप शिलाजीत के साथ भी काम में ले सकते हैं यदि आप शिलाजीत के साथ इस औषधि का प्रयोग करते हैं तो यह आपके सभी तरह के रोगों के लिए बहुत ही अच्छी औषधि होती है

शरीर के किसी भी हिस्से में यदि घाव है तो आप निर्गुंडी के पत्तों से बनाए गए तेल को यदि इस पर लगाएंगे तो पुराने से पुराना घाव भी बहुत ही शीघ्र भर जाएगा और उस घाव के कारण जो नुकसान है वह भी दूर होगा तो चाहे किसी तरह की खुजली, फोड़े फुंसियों पर भी यदि आप निर्गुंडी के पत्तों का रस निकालकर लगाते हैं तो इससे उन्हें मवाद नहीं पड़ती और आसानी से फोड़े फूट जाते हैं

कई बार आप किसी जंग वाली चीज से कट जाते हैं ऐसी स्थिति में आपको टिटनेस का टीका लगाने की सख्त आवश्यकता होती है तो आपको हम यह बात बता दें कि निर्गुंडी टिटनेस के टीके की तरह ही काम करती है इसलिए यदि आप कभी भी जंग लगी चीज से कट जाए तो निर्गुंडी के पत्तों का रस आप दो-तीन बार सप्ताह भर तक भी है इससे आपको टिटनस होने की संभावना पूरी तरह से दूर हो जाएगी

जिन लोगों के पाचन शक्ति बहुत ही कमजोर है उन्हें निर्गुंडी के पत्तों का रस निकालकर उसमें थोड़ी सी मात्रा में अदरक भी मिला लेना है और इसे सुबह-शाम लेना है इससे उनकी पाचन शक्ति बहुत ही प्रबल हो जाएगी जिससे कि खाया पिया लगने लगेगा और शरीर हष्ट पुष्ट हो जाएगा

एलर्जी से संबंधित रोगों को दूर करने के लिए भी निर्गुंडी की किसी रामबाण से कम नहीं है क्योंकि आज के खानपान में लोगों को कई तरह की एलर्जी है किसी को दूध से एनर्जी किसी को फलों से एलर्जी किसी को गेहूं से एलर्जी किसी को चावल से एलर्जी किसी को धूल से तो आपको किसी भी तरह की एलर्जी है तो आप निर्गुंडी के पत्तों का काढ़ा बनाकर सुबह-शाम नियमित रूप से इससे निश्चित तौर पर आपकी एलर्जी की समस्या शत-प्रतिशत ठीक हो जाएगी

जिन लोगों के पैरों में बहुत ही तेज दर्द होता है उन्हें निर्गुंडी के तेल से अपने पैरों के तलवों पर मालिश करनी चाहिए इससे आपका दर्द बहुत जल्दी ठीक हो जाएगा तथा आपके पैरों की मांसपेशियों में जो दुर्बलता आई है वह भी जल्दी ही ठीक हो जाएगी

यदि आप को गले में या जीब में छाले हैं तो निर्गुंडी के पत्तों का काढ़ा बनाऐ और इसका कुल्ला करें इससे आपके छालो मे बहुत ही आराम होगा इसके अतिरिक्त आप निर्गुंडी के तेल को भी अपने मुंह व जीभ पर लगा सकते हैं इससे भी बहुत ही आराम आता है

यदि आपके गले में खराश है तो निर्गुंडी के पत्तों का रस का सेवन करें और इसे गरारे करें इससे आपको काफी लाभ मिलेगा   टीवी अर्थात क्षय रोग मैं निर्गुंडी के पत्तों का रस बहुत ही असरदार होता है इस रोग में यदि आप निर्गुंडी के पंचांग यानी कि इसका फल फूल तना इसकी पत्तियां इसकी जड़ का काढ़ा बनाकर सुबह-शाम पीते हैं दूध के साथ तो निश्चित रूप से आप को इस रूप में काफी आराम मिलेगा

जिन लोगों को लंबी आयु चाहिए उन्हें निर्गुंडी के पत्तों का काढ़ा बनाकर इसमें थोड़ा सा गुड मिला लेना है इसके बाद से एक मिशन के रूप में तैयार कर लें और 7 से 8 दिनों तक चले तीन चार महीने तक यदि आप सेवन करते हैं तो इससे आपको बुढ़ापा बहुत ही देरी से आता है

एक बात का ध्यान अवश्य रखें कि जब भी आप यह प्रयोग करने की सोच है तो पहले आप अपनी खासी और दस्त आदि रोगों से अपने आप को बचाए रखे हैं तभी इसका असर होगा जिन लोगों को कमर दर्द बना रहता है उनके लिए भी निर्गुंडी किसी वरदान से कम नहीं है

कमर दर्द से सबसे ज्यादा प्रभावित हमारे घर की महिलाएं होती है मानव कमर दर्द होने वरदान स्वरुप है मिला है तो ऐसी सभी महिलाओं को जो कमर दर्द से परेशान रहती हैं उन्हें निर्गुंडी के पत्तों का काढ़ा बनाकर नियमित रूप से सेवन करना चाहिए इससे उनके कमर दर्द की समस्या हमेशा के लिए दूर हो जाएगी

यदि बार-बार बुखार आ रही हो तो ऐसी स्थिति में निर्गुंडी के पत्तों को गाय के मूत्र में मिश्रण बनाकर सुबह-शाम सेवन करें तो बार-बार आने वाला बुखार जल्दी ठीक हो जाता है जिन लोगों का कपड़ा हुआ है उनका चाहिए

चौथिया नाम का ज्वर है यानी कि हर चौथे दिन आने वाली बुखार इसके लिए भी निर्गुंडी के पत्तों का रस निकालकर करते हैं बहुत ही जल्दी दूर हो जाता है

जिन महिलाओं के गर्भ ठहरने में समस्या आ रही है 20 ग्राम चूर्ण लें और इसे इसे यदि आप 1 महीने तक ऐसा करते हैं तो गर्भधारण के योग्य हो जाती है कान के कीड़ों को मारने के लिए भी निर्गुंडी के पत्तों का रस बहुत ही अच्छा माना जाता है

यदि आपका कान बह रहा है तो निर्गुंडी के तेल की दो से तीन बार लें इससे आपके कान से बहने वाली मवाद में आपको आराम मिलेगा

जलोदर रोग में भी निर्गुंडी के पत्रों का स्वरस पीने से बहुत ही लाभ मिलता है इस रोग में पेट में बहुत अधिक पानी भर जाता है यदि आप निर्गुंडी के पत्तों का रहस्य 20ml सुबह-शाम रोगी को देते हैं तो वह बहुत ही जल्दी उसे इस रोग से छुटकारा मिल जाता है

शरीर के किसी भी हिस्से पर यदि गांठ हो तो आप निर्गुंडी के पत्तों को गर्म करके वहां पर बांध लें इससे गांठ है बहुत ही जल्दी ठीक हो जाएगी

आधासीसी यानी कि माइग्रेन जो कि एक सिर का दर्द माना जाता है यह आज के समय में बहुत ही सामान्य है देश की 10 से 15% आबादी इस रोग से ग्रसित है इस रोग को दूर करने के लिए भी निर्गुंडी के पत्तों को बहुत ही अच्छा माना जाता है

जिन लोगों को उच्च रक्तचाप यानी कि हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत है उन्हें निर्गुंडी लहसुन और सोंठ का चूर्ण बराबर मात्रा में लेकर इसे आधा लीटर पानी में उबालकर काढ़ा बना लें और इस मिश्रण को यदि आप नियमित रूप से सुबह-शाम पीते हैं तो बहुत ही जल्दी आपको उच्च रक्तचाप की शिकायत से आराम मिल जाएगा

जिन लोगों के हाथ पैरों में जलन होती है उन्हें निर्गुंडी के पत्तों को पीसकर इसका मिश्रण बना लेना है और इसे अच्छे से लेफ्ट लेना है जहां-जहां भी दर्द होता है शीघ्र ही हाथ पैरों में होने वाली जलन दूर हो जाएगी

यदि आपके भी टोंसिल बढ़ गए हैं तो निर्गुंडी की जड़ का उपयोग आप करें इसके लिए निर्गुंडी की जड़ को मुंह में रखकर जब आते रहेंगे इससे आपके बड़े हुए टॉन्सिल बहुत ही जल्दी ठीक हो जाएंगे दोस्तों यहां पर हमने निर्गुंडी से होने वाले कई फायदों के बारे में आपको बताया है आशा करता हूं कि आपको यह पसंद आए होंगे

तो आप भी इस दिव्य औषधि का प्रयोग करके अवश्य देखें बस ध्यान रखें कि इसका प्रयोग करने से पहले आप अपने चिकित्सक से इसके बारे में उचित सलाह ले लें ताकि आपको बेहतरीन परिणाम प्राप्त हो सके क्योंकि आपका चिकित्सक ही आपके स्वास्थ्य स्थिति के बारे में सबसे बेहतर जानता है

इसलिए आप किसी भी औषधि को प्रयोग करने से पहले एक बार अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें ताकि वह आपको सही तरह से सलाह दे सके और आप ज्यादा से ज्यादा फायदा उठा सकें हमारा उद्देश्य आपको सजग और स्वस्थ बनाना है जिसके लिए हम हमेशा प्रयासरत रहते हैं

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