Dayriya kya h karan lakshan gharelu upay

डायरिया कारण लक्षण और बचाव के तरीके संपूर्ण जानकारी

आज के समय में प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। जिस कारण से जल और खाने-पीने की चीजें भी दूषित हो गई है। जिसके परिणामस्वरूप डायरिया जैसी गंभीर बीमारियां होने लगी है।

आज हम इस लेख के माध्यम से आपको डायरिया के बारे में संपूर्ण जानकारी देंगे। डायरिया क्या होता है,डायरिया के लक्षण क्या है,डायरिया से कैसे बचें और इसके उपचार। यदि आप दिन में तीन-चार बार पतले-पतले दस्त जाते हैं तो यह डायरिया के लक्षण हो सकते हैं।

डायरिया रोग में बार-बार मल त्याग करने की वजह से शरीर में पानी की अत्यधिक कमी हो जाती है। जिससे कि शरीर बहुत कमजोर हो जाता है।
डायरिया वैसे तो कोई बड़ी समस्या नहीं है

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डायरिया कारण लक्षण और बचाव के तरीके संपूर्ण जानकारी

लेकिन यदि इसका समय पर उपचार न करें, तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। डायरिया रोग बच्चे, बड़े, बूढ़े किसी को भी हो सकता है। आपको हमेशा स्वच्छता पर ध्यान देना चाहिए।

साफ पानी पीना चाहिए। खाना खाने से पहले हाथों को अच्छी तरह से धोकर ही खाना चाहिए।

डायरिया रोग के प्रमुख कारण- (Dayriya ke karan)

इसका मुख्य कारण आपका खान-पान ही माना जाता है है, लेकिन और भी कई कारण है जिनकी वजह से डायरिया हो सकता है- जैसे आपका साफ सफाई पर ध्यान ना देना, बैक्टीरियल इन्फेक्शन होने के कारण, शरीर में पानी की कमी होने के कारण, पाचन तंत्र सही से काम ना करने के कारण

शोधकर्ताओ ने इस बात को सिद्ध कर दिया है, कि रोटावायरस और नोरा वायरस इन्फेक्शन के लिए प्रमुख रूप से उत्तरदाई होते हैं। डायरिया रोग किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है

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जरूरी नहीं है कि बच्चों में ही डायरिया रोग हो, बड़े और बुडो में भी यह रोग हो सकता है। लेकिन ज्यादातर बच्चे ही इस रोग से प्रभावित होते हैं क्योंकि उनका शरीर कमजोर होता है। इसलिए जल्दी इसकी चपेट में आ जाते हैं।

डायरिया रोग के लक्षणों की पहचान कैसे करें-

यदि आपको बार-बार दस्त जाना पड़ रहा है और दस्त भी बहुत पतले आ रहे हैं तो यह डायरिया का लक्षण हो सकता है।

पेट के निचले हिस्से में यदि तेज दर्द (pain) हो रहा है और बेचेनी सी अनुभव हो तो इसका मतलब कि आपका डायरिया (dayriya) के शिकार हो सकते हैं।

दस्त जाते समय पेट में तीव्र दर्द होना भी एक लक्षण है तथा दस्त जाने के कारण यदि आपका शरीर अत्यंत कमजोर हो गया है, तो यह भी डायरिया का लक्षण हो सकता है।

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डायरिया रोग में शरीर से तेजी से खनिज और लवण की मात्रा कम होती है। जिस कारण से आप बेहोश भी हो सकते हैं और यदि समय पर उपचार न मिले तो यह मृत्यु का कारण भी बन सकता है।

डायरिया होने पर हमें क्या क्या सावधानी बरतनी चाहिए-

  1. शरीर में पानी की मात्रा पर्याप्त हो ताकि आपको डिहाईड्रेशन की समस्या ना हो।
  2. तला हुआ भोजन खाना तुरंत बंद कर देना चाहिए।
  3. डायरिया होने पर दो-तीन दिन तक बच्चों को फल, दूध, चाय और अधिक वसा वाले खाद्य पदार्थों से दूर रखें, क्योंकि उनके प्रयोग से यह समस्या और भी ज्यादा हो सकती है।
  4. दूध से बने पदार्थों से दूरी बना ले जब तक आपका यह रोग ठीक ना हो जाए क्योंकि इससे आपकी स्थिति और भी खराब हो सकती है।
  5. डायरिया रोग में दस्त रोकने के लिए आप चावल और केले का उपयोग कर सकते हैं क्योंकि केले में जो पदार्थ पाये जाते है यह ना केवल दस्त रोकने के लिए कारगर है। बल्कि यह डायरिया रोग में भी काफी असरदार है।
  6. साफ सफाई का पूरा ध्यान रखें और डायरिया के रोगी के द्वारा काम में ली गई चीजों का अच्छे से स्वच्छ करें।
  7. बच्चों को दस्त करने के बाद साबुन से हाथ धोने का महत्व समझाएं कि आपको अच्छे से हाथ ना धोने से कई तरह की बीमारियां लग सकती है।
  8. कच्चे दूध का उपयोग ना करें, दूध का उपयोग उबाल कर ही करें।
  9. यदि आप फलों का जूस पी रहे हैं तो इस बात का ध्यान अवश्य रखें कि यह बिल्कुल ताजा निकला हुआ हो पुराना या बासी फलों का जूस ना पिए। इससे आपका डायरिया हाने की संभावना और बढ़ सकती है। क्योंकि यह तो आप सभी समझते हैं कि बासी चीज खाने से हमें फायदा तो मिलेगा ही नहीं, बल्कि नुकसान ही होगा। इसलिए जब भी चीजें खाएं तो ताजा खाने का ही प्रयास करें।
  10. घर से बाहर जब भी आप जाए तो बच्चों को बाहर की चीजें ना खाने दें क्योकि फुटपाथ पर मिलने वाली ज्यादातर चीजों पर मक्खियां भिनभिनाती रहती है। जिस कारण से वह दूषित हो जाती है।
  11. बच्चों को जो भी खाना हो उन्हें घर पर बनाकर ताजा खिलाएं।

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डायरिया कारण लक्षण और बचाव के तरीके संपूर्ण जानकारी

12.जब भी आप घर से बाहर निकले तो किसी भी जगह पानी पीने से बचने का प्रयास करे। इसकी जगह आप मिनरल वाटर की बोतल खरीद कर भी पानी पी सकते हैं। इससे आप बीमार होने से बचेंगे

13.फुटपाथ पर मिलने वाली सस्ती आइसक्रीम को बच्चों को ना खाने दे। यह भी पेट खराब होने का एक प्रमुख कारण होता है।

14.जो लोग ऐसी जगह पर रहते हैं, जहां पर पानी में बहुत अधिक मिट्टी आती है तो उन्हें पानी को कपड़े से छानकर या फिर उबाल कर ही पीना चाहिए। क्योंकि पानी को उबालने के बाद इसमें जो बैक्टीरिया होते हैं वह नष्ट हो जाते हैं। शरीर को यह पानी किसी भी तरह से हानि नहीं पहुंचा पाएगा।

15.पीने के पानी के बर्तनों को समय-समय पर साफ करते रहे हैं और जहां पर आप पानी का संग्रहण करते हैं। वहां पोटेशियम परमैग्नेट या लाल दवा का प्रयोग करें। इससे पानी के बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं।

16.तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी पीने का प्रयास करें, क्योंकि एक शोध के अनुसार ऐसा सामने आया है कि तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी बैक्टीरिया रहित होता है।

डायरिया होने पर घरेलू उपचार कैसे करें-

1.यदि आपको ज्यादा ही दस्त की समस्या हो गई है तो आपको केले का सेवन दहीं के साथ करना चाहिए। इससे आपका डायरिया काफी हद तक नियंत्रण में आ जाएगा।

डायरिया कारण लक्षण और बचाव के तरीके संपूर्ण जानकारी

2. नींबू के रस में थोड़ी सी मात्रा में अदरक का जूस मिलाले उसके बाद इसमें 2-3 काली मिर्च मिलाकर एक मिश्रण बनाले और उसका सेवन करें। यह भी दस्त रोकने के लिए अच्छा नुस्खा है।

3. बार-बार दस्त जाने की वजह से आपके पेट में दर्द होने लग जाता है। इसे दूर करने के लिए पानी में अदरक को उबालकर इसे दिन में थोड़ा-थोड़ा सेवन कर सकते हैं। इससे आप का दर्द कम हो जाएगा।

भूरे चावलों का उपयोग

4. भूरे चावलों का उपयोग भी दस्त की समस्या को रोकने के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। इसके लिए आप भूरे चावल लीजिए ओर इन्हे पानी में डालकर अच्छे से उबाल लीजिए और इसका जो पानी निकलता है। इसे आप पी लीजिए इससे आप के दर्द की समस्या काफी कम हो जाएगी।

5. एक गिलास पानी में तीन-चार चम्मच शहद मिला लें और उसका सेवन करें। इससे भी आप की डायरीया की समस्या दूर होगी।

6. नींबू का इस्तेमाल भी दस्त की समस्या को दूर करने के लिए कर सकते हैं। इसके लिए आप नींबू को बीजो सहित ही मिक्सर में पीस लें और इससे जो पेस्ट तैयार होगा। इसका उपयोग आप करे। इससे आपकी समस्या कम होगी।

7. मिश्री और अमरूद का उपयोग भी आप दस्त की समस्या को रोकने के लिए कर सकते हैं।

8. दस्त रोकने के लिए इसबगोल भी असरदार चीज है इसके लिए इसबगोल को थोड़ा सा दही में घोल ले और इसका सेवन करें। इससे आपकी दस्त की समस्या जल्दी दूर हो जाएगी।

9. दही के साथ चावल का सेवन से भी दस्त की समस्या दूर हो जाती है।

10. शीशम के पत्तों को पीसकर इन का पेस्ट बना लें और छोटी-छोटी गोलियों के रूप में इनका प्रयोग आप कर सकते हैं। यह भी दस्त रोकने के लिए एक बहुत ही असरदार नुस्खा है।

कुछ जरूरी बातें जिनका आप डायरिया होने पर ध्यान रखें-

1.डायरिया की समस्या यदि बच्चों को है तो आप अनावश्यक के नुस्खों को इस्तेमाल करके अपना समय खराब करने की जगह तुरंत चिकित्सक से परामर्श करें।

2. यदि बच्चे को मल त्याग करते समय बहुत जोर से पेट दर्द हो तो आप शीघ्र ही चिकित्सक से संपर्क करें।

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3. यदि आप सभी तरह के घरेलू उपाय करके देख चुके हैं तो 2-3 दिन से ज्यादा अपने बच्चे को डायरिया रोग में ना रहने दें। क्योंकि आपके लिए बहुत ही घातक सिद्ध हो सकता है। अतः बिना समय गवाए अपने डॉक्टर से सलाह लें।

4. आज के समय में गली-गली में झोलाछाप डॉक्टर भरे पड़े हैं, लेकिन आप इस बात का ध्यान रखें कि आप इस तरह के रोगों में बच्चों को इन झोलाछाप डॉक्टरों के पास ना ले जाए।

बल्कि एक क्वालिफाइड डॉक्टर से ही अपने बच्चे का इलाज कराएं। ताकि उसे सही इलाज मिल सके।

5. यदि आपके बच्चे को दस्त रोग के साथ साथ बुखार भी हो गया है तो बिना समय गवाए अपने डॉक्टर के पास जाए।

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 धन्यवाद

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