pregnancy se jude mithak hindi me

प्रेगनेंसी से जुड़ी कुछ भ्रांतियां या गलतफहमियां

पुराने जमाने के जो लोग हैं वह प्रेगनेंसी को एक बहुत बडी समस्या के रूप में देखते हैं। पता नहीं क्या-क्या उनके दिमाग में उटपटांग चलता रहता है। प्रेगनेंसी यानी की गर्भावस्था एक बहुत ही सामान्य प्रक्रिया होती है। (pregnancy se jude mithak hindi me)

जो कि हर किसी महिला को अपने जीवन में अनुभव करनी ही पड़ती है ओर सही मायने में एक ओरत के लिये यह अनुभव बहुत ही अदभुत होता हे। लेकिन पुरानी औरतें इस बारे में नहीं समझती वह तो पता नहीं क्या सोचती है।

प्रेगनेंसी से जुड़ी हुई कुछ भान्तिया और मिथ

प्रेगनेंसी मैं ऐसा करेंगे तो ऐसा हो जाएगा वैसा करेंगे तो ऐसा हो जाएगा। पूरी तरह से वह गर्भस्थ महिला को डरा देती है। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको प्रेगनेंसी से जुड़ी हुई कुछ भान्तिया यानी की मिथ के बारे में बताएंगे। जिन्हें जानकर आपको इनकी सच्चाई के बारे में पता चल जाएगा।

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गर्भस्थ शिशु को होता हे शारिरीक संबध का आभास

पुराने समय के लोगों का ऐसा मानना है कि यदि गर्भावस्था के समय शारीरिक संबंध बनाते हैं तो इससे गर्भस्थ शिशु को इसका आभास हो जाता है। जबकि यह बिल्कुल ही गलत है क्योंकि गर्भस्थ शिशु पूरी तरह से एक मजबूत कवच के अंदर बंद होता है और इस कवच में एमनिओटिक द्रव भरा होता है। (pregnancy se jude mithak hindi me)

केसर से होता हे शिशु का रंग गोरा

ऐसा माना जाता है कि यदि आप गर्भावस्था केे समय अपने आहार में केसर को शामिल करते हैं। तो इससे आपके गर्भ में शिशु का रंग भी निखर जाता है जबकि यह बिल्कुल गलत है। क्योंकि शिशु का रंग कैसा होगा यह उसके माता-पिता और उसके अनुवांशिक गुणों पर निर्भर करता है। (pregnancy se jude mithak hindi me)

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तिल के सेवन से होता हे गर्भपात

गर्भपात हो सकता है पपीता आम या तिल का सेवन करने से। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह बिल्कुल गलत है इन चीजों को खाने से आपके गर्भावस्था में किसी तरह का कोई फर्क नहीं पड़ता। फिर भी आप अपने चिकित्सक से इस बारे में सलाह मशवरा जरूर करें।

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दुध का सेवन देता हे बहुत अधिक फायदा गर्भावस्था में

प्रेग्नेंसी के समय आपको बहुत अधिक मात्रा में दूध का सेवन करना चाहिए यह भी एक बहुत बड़ी भ्रांति है हम सभी यह अच्छे से जानते हे कि दुध हमारे स्वास्थ्य केे लिए कितना जरूरी हे यह भी बिल्कुल सही हे कि ये गर्भस्थ महिला के लिए बहुत ही गुणकारी होता हे

परंतु यह बिल्कुल आवश्यक नहीं है कि आप दूध ही पिये। दूध से बनी चीजों का भी सेवन कर सकते हैं जैसे पनीर, रसगुल्ला, दही इन चीजों से भी आपको कैल्शियम की पूर्ति पर्याप्त मात्रा में मिल जाती है आवश्यक नहीं है कि आप दुध से ही कैल्शियम की पूर्ति करें।

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गर्भधारण करते ही महिला को खाने के लिए बहुत अधिक परेशान किया जाने लगता है। सभी उससे बोलते हैं कि अब आपके साथ एक और जीवन जुड़ा हुआ है इसलिए आपको अब दुगना खाना चाहिए। तो यह भी एक भ्रान्ति है।

आपको बता दें कि गर्भस्थ शिशु प्रथम महीने में मटर के दाने के आकार का ही होता है। अब आप भी समझ सकते हैं कि इतना छोटा सा शिशु कितना खा सकता है। इसके लिए आपको कितनी ज्यादा खाने की आवश्यकता होगी।

प्रेगनेन्सी में पीठ के बल ना लेटे

गर्भावस्था के समय महिला को पीठ के बल लेटने से भी मना किया जाता है। आप सभी जानते हैं कि पीठ के बल लेटना कोई भी व्यक्ति कैसे बंद कर सकता है क्योंकि यह तो बहुत ही सामान्य बात है। इससे आपको किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होता।

किंतु आप यदि गर्भावस्था के समय करवट लेकर सोती है तो यह आपके और आपके गर्भस्थ शिशु के लिए बहुत ही फायदेमंद है। क्योंकि इससे सारे विषाक्त तत्व शरीर से बाहर निकल जाते हैं और आप की गर्भनाल भी मजबूत बनती है।

प्रेग्नेन्सी मेे संबध बनाने से हो सकता हे गर्भपात

गर्भावस्था के समय शारीरिक संबंध बनाने से आपको गर्भपात हो सकता है यह भी एक बहुत बड़ी भ्रांति है। क्योंकि गर्भाशय में जो आपका शिशु पल रहा है यह गर्भाशय की मांसपेशियों के कवच के अंदर सुरक्षित रहता है। जिसमें एमनीओटिक द्रव भरा रहता है। जिस कारण सेक्स करने से आपके गर्भस्थ शिशु को किसी भी तरह का कोई खतरा नहीं होता हे।

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आराम ही करे प्रेग्नेेंसी में

गर्भावस्था के समय बहुत अधिक आराम करें और सीढ़ियां चढ़ने उतरने से बचे। यह भी एक बहुत बड़ी भ्रांति है क्योंकि गर्भावस्था के समय आपको काम से बचने के स्थान पर बहुत अधिक काम करना चाहिए। इससे आप स्वस्थ रहेंगे और आप का प्रसव भी बहुत आसानी से हो जाएगा।

आप आराम जरूर करे लेकिन बस इतना जिसकी आपको वास्तव में आवश्यकता है। आपको किसी तरह की पीड़ा का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसकी जगह जो महिलाएं बहुत अधिक आराम करती हैं, उनको प्रसव के दौरान बहुत अधिक परेशान होना पड़ता है।

पेट का साइज बताएगा लडका होगा या लडकी

पेट का आकार और आपके स्वभाव से पता चलेगा कि आप को लड़का होगा या लड़की कितनी बड़ी भ्रांति है। आप सभी जानते हैं कि लिंग का पता केवल अल्ट्रासाउंड यानी की सोनोग्राफी के माध्यम से ही लगता है। उसके अतिरिक्त और कोई भी माध्यम नहीं है जिससे आपके पता लगा सके कि आपके गर्भ में शिशु लड़का है या लड़की है

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आज के जमाने के लोग यह क्यों नहीं समझते हैं कि लड़का हो या लड़की आखिरकार वह है तो एक जान है। आपको बस यह सोचना चाहिए कि जो भी हो बस स्वस्थ हो। क्योंकि आज के समय में लड़का और लड़की में कोई फर्क नहीं है दोनों को बिल्कुल बराबर माना जाता है।

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