Sinus kya h karan lakshan upchar

साइनस क्या है कारण लक्षण बचाव और उपचार

क्या होता हैं साइनस
क्या होता हैं साइनस

बहुत ही आम समस्या है साइनस इसे सामान्य रूप से सभी लोग जुकाम के तौर पर ही जानते हैं। यदि आप सही तरह से इसका इलाज कराते हैं तो यह पूरी तरह से ठीक हो सकती है। (Sinus kya h karan lakshan upchar ) लेकिन इसके लिए सबसे पहले हमें यह जानना बहुत ही जरूरी है कि

क्या होता हैं साइनस ?

हमारी खोपड़ी के अंदर ऐसे कई सारे छेद होते हैं, जो हमारे शरीर को हल्का अनुभव कर आते हैं तथा सांस लेने की प्रक्रिया में भी हमें मदद पहुंचाते हैं। इन छोटे-छोटे छिद्रो को हम साइनस के नाम से जानते हैं।

जब इन छोटे-छोटे छिद्रो में कफ भर जाता है तो सांस लेने में हमें दिक्कत होती है। इस तरह की समस्या को हम साइनस या साइनोसाइटिस के नाम से जानते हैं। यह बीमारी बहुत ही साधारण है। बहुत बड़ी मात्रा में इस बीमारी से लोग परेशान हैं।

सर्दियों के मौसम में यह समस्या और भी अधिक बढ़ जाती है तथा जिन इलाकों में वायु प्रदूषण बहुत अधिक मात्रा में होता है। वहां पर भी साइनस के रोगी बहुत अधिक पाए जाते हैं।

इस बीमारी के लक्षण बिल्कुल जुकाम जैसे ही होते हैं जैसे- नाक का बहना, नाक का बंद होना कभी-कभी तो बुखार जैसे लक्षण भी होने लगते हैं। यदि यह बीमारी काफी समय तक बनी रहती है तो इससे आपको बहुत अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

इस बीमारी का इलाज यदि आप समय रहते नहीं कराते हैं तो इसे दूर करना बहुत ही मुश्किल हो जाता है। यह क्रॉनिक रूप ले लेती है।

Sinus kya h karan lakshan upchar
Sinus kya h karan lakshan upchar

साइनस होता क्यों है इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे अनुवांशिकता, नाक की हड्डी बढ़ जाना, नाक की हड्डी का तिरछा होना, श्वास संबंधी किसी तरह की समस्या के कारण किसी भी कारण। यदि साइनस के जो खोखले छेद है इनमें बाधा होती है तो

जो लोग ऐसे क्षेत्रों में काम करते हैं, जहां पर धूल का काम बहुत ही ज्यादा है तो ऐसे लोगों को साइनस होने का खतरा सामान्य के अपेक्षा अधिक होता है।

साइनस के लक्षण-

आप साइनस रोग से ग्रसित है या नहीं इसके लिए सबसे पहले तो आपको इस इसके लक्षणों के बारे में ध्यान देना होगा। तभी जाकर आप जान पाएंगे कि आपको साइनस रोग है या नहीं है।

इसके लक्षण निम्न है-

सिर दर्द होना –

साइनस का एक प्रमुख लक्षण सिर दर्द माना जाता है साइनस के संकरे छेद जब बंद हो जाते हैं तो व्यक्ति को सांस लेने में बहुत ही परेशानी का सामना करना पड़ता है।

जिससे कि आपको सांस लेने में सामान्य की अपेक्षा बहुत अधिक जोर लगाना पड़ता है और ऐसी स्थिति के कारण सर में बहुत ही भयंकर दर्द होता है। (Sinus kya h karan lakshan upchar ) इस दर्द का आभास आपको आपके सिर में, आपकी नाक के आसपास, आपके गालों पर, जबड़ों पर महसूस हो सकता है।

घबराहट और बुखार होना भी साइनस का कारण हो सकता है यदि आपको साइनस की समस्या है, तो आप को बुखार और घबराहट जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।

लेकिन यह जरूरी भी नहीं है कि आपको साइनस होने के कारण ही बुखार है। बुखार और भी कारण से आ सकती है, लेकिन फिर भी यदि आपको इस तरह के लक्षण दिखाई दे तो आपको तुरंत चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।

आवाज में परिवर्तन –

साइनस का एक कारण माना जाता है आवाज में परिवर्तन , क्योंकि जब भी साइनस की समस्या होती है तो नाक में से तरल पदार्थ बहता रहता है, कभी नाक बंद हो जाती है।

जिससे कि आपकी आवाज कभी तो बहुत ही दबी-दबी सी आती है। कभी बहुत तेज आती है, एक अजीब सा ही आवाज में परिवर्तन आ जाता है। इससे भी आप साइनस की पुष्टि कर सकते हैं।

सूंघने की शक्ति में कमी –

इसका एक लक्षण सूंघने की शक्ति में कमी हो सकता है। साइनस के जो खोखले छेद है, जब यह अवरुद्ध हो जाते हैं तो ऐसी स्थिति में आपकी जो सुनने की क्षमता होती है यह बहुत कम हो जाती है।

आप अच्छे से पता नहीं कर पाते कि यह सुगंध या दुर्गंध किस चीज की है।

दांतों में दर्द –

इसका एक लक्षण दांतों में दर्द हो सकता है क्योंकि साइनस की बीमारी में जो तरल पदार्थ निकलता है। यह आपके दांतों पर भी दबाव डालता है जिसे दांतों में तेज दर्द होता है।

यदि आपको भी जुकाम की समस्या के समय दातों में तेज दर्द का अनुभव हो रहा है तो आपको शीघ्र ही चिकित्सक को दिखा कर उसकी पुष्टि कर लेनी चाहिए। कहीं यह साइनस के लक्षण तो नहीं है।

जुकाम के समय यदि आपको बहुत अधिक थकान हो, सिर में तेज दर्द हो, नींद भी बहुत कम आ रही हो, बार-बार नाक बंद हो जाती हो तो यह साइनस के लक्षण हो सकते हैं। अतः ऐसे लक्षणों को जब आप अनुभव करें तो चिकित्सक से सलाह जरूर लें।

साइनस की समस्या में आपके फेफड़े भी कमजोर हो जाते हैं। इस कारण आपको तेज खांसी चल सकती है। इसे भी साइनस का एक कारण माना जाता है। कई बार तो ऐसा भी देखा गया है कि साइनस के कारण ही व्यक्ति खांसी की गिरफ्त में आ जाता है।

साइनस के लिए घरेलू उपचार-

तेलो का प्रयोग –

बाजार में ऐसे कई तरह के तेल उपलब्ध है जिन के प्रयोग से आप साइनस में आराम प्राप्त कर सकते हैं। जैसे कि लैवंडर, पोदीना, नींबू और लौंग का तेल आदि। इन तेलो का प्रयोग यदि आप नियमित रूप से करते हैं तो आपको अवश्य ही साइनस के रोग में लाभ मिलता है।

इन तेलो का प्रयोग आप अपनी नाक, छाती और सिर पर मालिश करके करें। इससे आपको साइनस की समस्या मे अच्छा फायदा मिलेगा। तेल आपके साइनस के समस्या में बहुत ही लाभदायक होते हैं, क्योंकि इनमें जो प्राकृतिक खुशबू पाई जाती है।

यह साइनस का दर्द बहुत हद तक कम कर सकते हैं। यदि आप इन तेलो को घर पर बनाना चाहते हैं तो आप इन्हें आसानी से बना सकते हैं। आप चाहते हैं कि रेडीमेड ही आपको मिल जाए तो आप बाजार से भी लेे सकते हैं।

सेब का सिरका-

इसका प्रयोग भी आप अपने साइनस के समस्या को दूर करने के लिए कर सकते हैं। साइनस की समस्या को दूर करने के लिए सेब का सिरका बहुत ही असरदार उपाय है। इस नुस्खे को तो आप घर पर भी बना सकते हैं।

इसके लिए क्या-क्या सामग्री लगती है-

यह हम आपको यहां पर बता रहे हैं। सेब को छोटे-छोटे टुकड़ों के रूप में काट लीजिए इसके बाद एक जार में पानी भर लीजिए, इतना कि जिस में सेब के टुकड़े डूब जाए। अब इसमें थोड़ी मात्रा में चीनी डाल दीजिए।

अब जार के मुंह पर साफ कपडा बांध कर इसे कुछ दिनों के लिए छोड़ दे। अब इसे एक साफ कपड़े की मदद से अच्छे से छानले। यह जो छना हुआ पानी बचा है। इसे पुनः जार में भर दे ओर वापिस कुछ दिनों के लिए इसे रख दें। यह लीजिए आपका सेव का सिरका तैयार है।

इसका प्रयोग कैसे करना है-

थोड़ी सी मात्रा में सिरका पानी में मिलाकर इसे अच्छे से गर्म कर लें और इस से निकलने वाली भाप को ले। इससे आपको सायनस की समस्या में बहुत ही आराम मिलेगा। इस प्रक्रिया को नियमित रूप से करने का प्रयास करें। जिससे कि आपको फायदा और भी ज्यादा मिले।

लेमन बाम का उपयोग-

आप साइनस की समस्या को दूर करने के लिए लेमन बाम का प्रयोग भी कर सकते हैं, यह भी एक असरदार नुस्खा है। यह ऐसा पौधा है जो आपको साल भर ही कहीं भी मिल जाएगा। (Sinus kya h karan lakshan upchar )

बुखार, जुकाम और साइनस की समस्या को दूर करने के लिए यह पौधा बहुत ही अच्छा माना जाता है। जुकाम को दूर करने के लिए भी आप इसका उपयोग कर सकते हैं।

इस नुस्खे का उपयोग कैसे करें –

इसके लिए आप इस पौधे की सूखी हुई पत्तियों को ले ले। अब एक कप पानी में इन पत्तियों को अच्छे से उबाल लें। चार-पांच मिनट बाद इसे अच्छे से छानले और जो मिश्रण तैयार हुआ है इसका सेवन करें।

इससे आपको साइनस की समस्या में काफी मदद मिलेगी। यदि आप चाहें तो लेमन बाम के तेल को अपनी छाती, सिर व नाक में लगाकर भी साइनस की समस्या में काफी आराम प्राप्त कर सकते हैं।

लेमन बाम एंटीबैक्टीरियल प्रकृति का पौधा है। साइनस की बीमारी में इसे एक अच्छी दवा के रूप में काम लिया जा सकता है।

लोंग, कालीमिर्च –

एक गिलास पानी में थोड़ी मात्रा में लोंग, कालीमिर्च डालकर इसे अच्छे से उबाल लें। उसके बाद जब पानी आधा रह जाए तो इस पानी का सेवन करें। यह भी साइनस रोग को दूर करने के लिए अच्छा नुस्खा है। इससे आपको साइनस के साथ-साथ खांसी, जुकाम जैसी समस्याओं से भी निजात मिल जाएगी।

प्याज का प्रयोग –

आप साइनस के रोग को दूर करने के लिए प्याज का प्रयोग कर सकते हैं प्याज एंटीबैक्टीरियल प्रकृति का होता है। जिस कारण यह साइनस को दूर करने में काफी हद तक लाभदायक सिद्ध होता है।

इस नुस्खे को बनाने के लिए आप एक या दो प्याज ले ले। इन्हे पानी से अच्छी तरह से साफ कर ले। उसके बाद छोटा-छोटा काट कर इन्हें पानी में उबाल लें। जब पानी थोड़ा रह जाए तो इसे छान ले।

इसका उपयोग केस करे-

आप इसकी भाप को अपने नाक के मार्ग से अंदर जाने दें इससे आपको सायनस की समस्या में तुरंत आराम आएगा। इस नुस्खे को बनाने के लिए आप तेज दुर्गंध वाले प्याज का प्रयोग करेंगे तो ज्यादा लाभदायक होगा। (Sinus kya h karan lakshan upchar )

शहद का प्रयोग-

इस समस्या को दूर करने के लिए शहद का प्रयोग कर सकते हैं क्योंकि शहद भी एंटी बैक्टीरियल एंटी एलर्जीक गुणों से भरपूर होता है। इसके लिए आपको एक गिलास गर्म पानी में दो चम्मच शहद डालकर सुबह-शाम इसका सेवन करना चाहिए। बैक्टीरियल इन्फेक्शन को दूर करने में यह बहुत मददगार होता है।

टमाटर-

इस बीमारी को दूर करने में टमाटर काफी लाभदायक होता है। इसके लिए आपको टमाटर को पीसकर इसका अच्छे से बेस्ट बना लेना है। उसके बाद इसे उबाल लेना है।

अब इसमें थोड़ी सी मात्रा में काला नमक, लहसुन, काली मिर्च मिला लेना है और इसका सेवन करना है। इससे आपको जुकाम और साइनस जैसी समस्याओं में काफी आराम मिलता है।

टमाटर में एंटीहिस्टामाइन प्राकृतिक रूप से मौजूद होता है। जिस कारण से यह आपके सूजन को कम करने में मदद करता है और साइनस रोग ठीक होता है।

लहसुन

लहसुन खाने से इस बीमारी में आराम मिलता है इसके लिए आप लहसुन की कच्ची कलियां का सेवन रोज करें। इससे आपको इस बीमारी में काफी लाभ होगा।

वसाबी की जड़ का उपयोग –

साइनस पर समस्या को दूर करने के लिए वसाबी की जड़ कर सकते हैं। इसके लिए आप इसका काढ़ा बनाकर इसका इस्तेमाल करें। वसाबी साइनस के कारण जो संक्रमण होता है, उसे दूर करने में मदद करता है।

नारियल तेल –

साइनस को दूर करने के लिए आप नारियल तेल का उपयोग भी कर सकते हैं। इससे इसके लिए थोड़ा सा नारियल तेल अपने मुंह में डालें, इसे निकलना नहीं है। इसे मुंह में डालकर अपने जबडो की मदद से इधर-उधर हिलाते रहे।

10-15 मिनट बाद इस तेल का थुक दे। आप यदि नियमित करते हैं तो यह आपके दांतों और जोड़ों के दर्द को तो दूर करता ही है। इसके साथ साइनस की समस्या में भी यह काफी असरदार नुस्खा है।

गुनगुने पानी से नहाना –

सायनस को दूर करने मे गुनगुने पानी से नहाना अच्छा माना जाता हैं। इसके लिए एक बाल्टी में गुनगुना पानी ले लीजिए। इसमें थोड़ी सी मात्रा में ट्री ट्री ऑयल, थोड़ा सा बेकिंग सोडा और थोड़ासा सेंधा नमक मिला लेना है।

इससे स्नान करना है इस नुस्खे से आपको आपके शरीर को डिटॉक्स करने में मदद मिलती है। साइनस की समस्या के लिए भी यह नुस्खा अच्छा है।

कुछ सुझाव जिन्हें यदि आप मानेंगे तो आप साइनस की समस्या से दूर रहेंगे –

पर्याप्त मात्रा में पानी पीना – आपको पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए, क्योंकि यह तो आप सभी जानते हैं कि यदि शरीर में पानी की कमी रहेगी तो आपको कई तरह की बीमारियां लग सकती है।

ज्यादा पानी पीने से आपके शरीर के सभी विषाक्त तत्व मूत्रमार्ग के जरिए बाहर निकल जाते हैं। जिससे कि आपको बीमारियां होने का खतरा काफी कम हो जाता है।

अपनीे दिनचर्या को सही तरह से जमाए। सही समय पर उठे, सही समय पर खाए, पिए, सोए। क्योंकि अव्यवस्थित दिनचर्या भी बीमार होने का एक मुख्य कारण मानी जाती है।

आपका कमरा अच्छा हवादार होना चाहिए। जहां पर आप को बाहर की हवा भी मिल सके। अपने आसपास गंदगी ना होने दें, साफ सफाई का पूरा ध्यान रखें।

यदि आप साइनस की बीमारी से ग्रसित है तो आद्रता वाले स्थान पर कम से कम रहे, क्योंकि आद्रता में बैक्टीरिया ज्यादा सक्रिय होते हैं।

यदि आपको हमारा यह लेख पसंद आता है तो हमें कमेंट करके जरूर बताइए और अपने दोस्तों के साथ भी इसे शेयर करिए ताकि हम इस तरह की रोचक जानकारियां भविष्य में भी आपके लिए लाते रहे।

 धन्यवाद

अस्वीकरण

दी गई सभी जानकारी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञान के लिए दी गई है। हम क्षेत्र इकाई से अनुरोध करते हैं कि आप किसी भी सिफारिश / संकल्प का प्रयास करने से पहले अपने चिकित्सक से संपर्क करें। इस स्वास्थ्य से जुड़ी इस वेब साइट का उद्देश्य आपको अपने स्वास्थ्य से जुड़ा बनाना है और स्वास्थ्य से जुड़े आंकड़ों की आपूर्ति करना है। आपके डॉक्टर के पास आपके स्वास्थ्य के संबंध में उच्च डेटा है और उनकी सिफारिश का कोई विकल्प नहीं है।

Read also-

Dayriya kya h karan lakshan gharelu upay

Hair lose ke liye gharelu upay

चावल खाने के फायदे और नुकसान

आलू खाने के फायदे और नुकसान

बुखार क्या होता है कारण,लक्षण और घरेलू उपचार

ganna khane ke fayde aur nuksan

संतरा खाने के फायदे और नुकसान

टमाटर खाने के फायदे और नुकसान

Hair lose ke liye gharelu upay

Piliya kya h karan lakshan aur upchar

Share post

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *